Saturday, June 26, 2021

फ़ूलों की तारीफ़💬

ना कोई बंधन ना कोई दीवार ये 
फूल हैं जो दिल के पास है 
जो बार बार खिलता है 
और खूबसूरत सुबह कि तारीफ़ संजोता हैं 
जो किसी रोशनी की तलाश तो ज़रूर कारत 
मगर वो कोई और नहीं उसका वही प्यार है 
और जो हर दम उसके ख्वाबों में  आता
जाने क्यु कवि को ख्याल आया कि कहीं वो 
तलाश सूरज तो नहीं 
जो उसको हरदम नया जीवनदान देता है 

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